धरती के भगवान से नाराज़ हुए इंद्र देव, सैकड़ों एकड़ फसल जलमग्न
किसानों से नाराज़ हुए भगवान,सैकड़ों एकड़ फसल बर्बाद
तेज हवा,आंधी और भारी बरसात के कारण पेड़ गिरने से तमकुहीराज क्षेत्र के एक किशोर की मौत,दो अन्य घायल
गुमटी और आटा चक्की पर पेड़ गिरने से हुई भारी मात्रा में क्षति
फसलें हुईं जलमग्न,कुशीनगर के विभिन्न क्षेत्रों में धान,गन्ना एवं केले की खेती को हुआ भारी नुकसान,किसान परेशान
कई जगह बिजली के तार,पोल और ट्रांसफार्मर प्रभावित
जनपद में सैकड़ों पेड़ों के गिरने से आवागमन हुआ बाधित
बिजली व्यवस्था पूरी तरह से प्रभावित, ग्रामीण हो या नगरीय क्षेत्र अंधेरा कायम
पानी की निकासी न होने के कारण सड़कें हुई जलमग्न, पडरौना और कसया क्षेत्र के विभिन्न मकानों और दुकानों में घुसा पानी
कुशीनगर।
जनपद में धान की रोपाई के समय तो पानी नहीं बरसा लेकिन जब धान के पकने का समय आया तो बारिश ने पूरी धान की फसल ही बर्बाद कर दी। शुक्रवार की रात से शुरू हुई बूंदा बांदी शनिवार को विकराल रूप लेकर आई अपने साथ तेज हवा के थपेड़े और आंधी के साथ गरज तड़प को लिए जोरदार बरसात होने लगी जिससे धान की फसलें जलमग्न हो गईं हैं।
यही हाल केले और गन्ने की फसलों का भी है। पूरे जनपद में लगातार बरसात होने से काफी नुकसान पहुंचा है जिसका आंकलन अभी होना है। बरसात की शुरुआत में आधी से नुकसान हुआ और अब जो बचा,फिर आधी तूफान ले गई,आज केले का रेट 4 से 6 रुपये किलो बिक रहा है, लागत मूल्य तक नहीं निकल पा रहा। ऐसे में आई भारी बरसात से किसानों की हालत खस्ता हो गई है।किसानों की पूरी मेहनत मिट्टी में मिल रही है और भविष्य अंधकार में डूब रहा है। यही कारण है कि नई पीढ़ी खेती से दूर होती जा रही है। सरकार को किसानों की फसलों की हुई नुकसान की सुधी लेकर उचित मुआवजा देने के घोषणा करनी चाहिए ताकि उनका जीवन पुनः पटरी पर लौट सके।
तेज हवा बारिश के कारण अपने व्यवसाय के लिए व्यापारी आटा चक्की चलाने के लिए सोलर पैनल लगवाया था जो क्षतिग्रस्त हो गया है। कसया थाना क्षेत्र के शिवपुर बुजुर्ग गनेश जायसवाल अपना जीवन यापन करने के आटा चक्की मशीन लगाए हैं। मशीन को चलाने के लिए सोलर पैनल लगाए हुए हैं। शनिवार को आई तेज हवा और बारिश में कई पैनल हवाओं के तेज रफ्तार में उखड़ कर नीचे आ गए हैं जिससे व्यापारी का ज्यादा नुकसान हुआ है।
हे भगवान! धरती के भगवान को इतनी पीड़ा क्यों?अतिवृष्टि से गन्ना,धान,केला की फसल और बेशकीमती साखू,सागौन,फलदार पेड़ भी गिरे हैं। सोशल मीडिया पर जो तस्वीरें दिख रही हैं वो काफी भयावह हैं। पूर्वांचल के जिलों के साथ पड़ोसी प्रान्त बिहार में भी हस्तिनी नक्षत्र के बर्षात् का काफी नुकसान दिख रहा है।
आंधी और बारिश से पेड़ो के मार्गों पर गिर जाने के वजह से जनपद के कुछ क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हुई है इसके साथ ही बिजली व्यवस्था चरमरा गई है। बिजली विभाग को काफी मशक्कत का सामना करना पड़ेगा व्यवस्था को सुचारू रूप से लागू करने के लिए।
पानी की निकासी व्यवस्था सही नहीं होने के कारण पडरौना नगर पालिका परिषद क्षेत्र के नौका टोला मोहल्ले में मकानों और दुकानों में पानी घुस जाने के कारण जीवन अस्त व्यस्त हो गया है, वहीं कठकुइयां मोड से आगे सड़क नदी में तब्दील हो गई है। राहगीरों को काफी मशक्कत का सामना करना पड़ रहा है।साइकिल से सवारी करना संभव नहीं है जबकि कई बाइक सवार गिरते हुए नज़र आए।
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