गोस्वामी तुलसी दास इण्टरमीडिएट कालेज के 700 परीक्षार्थियों के आवेदन निरस्त,नहीं दे सकेंगे परीक्षा

Feb 17, 2026 - 21:17
 0  110
गोस्वामी तुलसी दास इण्टरमीडिएट कालेज के 700 परीक्षार्थियों के आवेदन निरस्त,नहीं दे सकेंगे परीक्षा

गोस्वामी तुलसी दास इण्टरमीडिएट कालेज के 700 परीक्षार्थियों के आवेदन निरस्त,नहीं दे सकेंगे परीक्षा 

अनुक्रमांक विलोपित करने की संस्तुति

प्रधान लिपिक और प्रधानाचार्य पर होगी कार्रवाई

कुशीनगर

जिला विद्यालय निरीक्षक श्रवण कुमार ने अवगत कराया है कि जनपद कुशीनगर में पत्राचार पंजीकरण केन्द्र संख्या 901 के रूप में नामित गोस्वामी तुलसीदास इण्टर कॉलेज, पडरौना के माध्यम से इण्टरमीडिएट परीक्षा वर्ष 2026 हेतु कुल 700 विद्यार्थियों का पंजीकरण प्रस्तावित था।

जांच में यह तथ्य प्रकाश में आया कि पत्राचार पाठ्यक्रम के अंतर्गत पंजीकरण वर्ष 2024 में निर्धारित समयावधि के भीतर पंजीकरण नहीं कराया गया,शुल्क 20 सितम्बर 2024 तक जमा नहीं किया गया तथा आवेदन पत्रों को आवश्यक अभिलेखों एवं अर्हता प्रमाण-पत्रों सहित पूर्ण रूप से पूरित नहीं किया गया। कई आवेदन पत्रों में आवश्यक विवरण अंकित नहीं पाए गए तथा एक वर्षीय/द्विवर्षीय पाठ्यक्रम से संबंधित अनिवार्य प्रमाण-पत्र भी संलग्न नहीं थे।

इसके अतिरिक्त,अनुसरण प्रमाण-पत्रों पर नामित नोडल अधिकारी विकास मणि त्रिपाठी, प्रधानाचार्य,पं०दीन दयाल उपाध्याय राजकीय इण्टर कालेज के स्थान पर नियमविरुद्ध रूप से प्रधान लिपिक ज्ञान प्रकाश पाठक द्वारा हस्ताक्षर किए गए। साथ ही पत्राचार शिक्षा संस्थान, प्रयागराज से विधिवत अनुमति प्राप्त किए बिना गत वर्षों के क्रमांकों का उपयोग किया जाना प्रथम दृष्टया गंभीर अनियमितता/जालसाजी का मामला प्रतीत हुआ।

उक्त अनियमितताओं के संबंध में सचिव,माध्यमिक शिक्षा परिषद, उ०प्र०, प्रयागराज द्वारा पत्राचार पंजीकरण केन्द्र संख्या–901 के अंतर्गत पंजीकृत सभी 700 परीक्षार्थियों के आवेदन पत्र निरस्त करते हुए आवंटित अनुक्रमांकों को फ्रीज/विलोपित करने का निर्देश जारी किया गया है।

सचिव द्वारा निम्न कार्यवाही की संस्तुति की गई है-

सभी 700 परीक्षार्थियों के अनुक्रमांक विलोपित किए जाएँ। संबंधित परीक्षार्थियों की प्रयोगात्मक परीक्षा पर रोक लगाई जाए। क्षेत्रीय कार्यालय, गोरखपुर की जांच आख्या के आधार पर प्रकरण परीक्षा समिति के समक्ष प्रस्तुत कर पंजीकरण केन्द्र के विरुद्ध निर्णय लिया जाए।

नोडल अधिकारी एवं संबंधित लिपिक के विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाए तथा यह परीक्षण किया जाए कि प्रकरण उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम,2024 की धारा-2(च) एवं धारा-14 से आच्छादित है या नहीं।

जिला विद्यालय निरीक्षक श्रवण कुमार ने बताया कि ज्ञान प्रकाश पाठक,प्रधान लिपिक के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही हेतु संस्था प्रबंधक को निर्देशित किया जा चुका है तथा उन्हें परिषदीय बोर्ड परीक्षा कार्यों से पृथक कर दिया गया है। विकास मणि त्रिपाठी, प्रधानाचार्य के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही हेतु उच्चाधिकारियों को पत्र प्रेषित किया जा चुका है।

उक्त प्रकरण के संबंध में माननीय उच्च न्यायालय इलाहाबाद में याचिका दायर की गई है। दिनांक 17-02-2026 को हुई सुनवाई में न्यायालय द्वारा कोई अंतरिम राहत प्रदान नहीं की गई तथा 04 सप्ताह के भीतर प्रतिशपथ- पत्र दाखिल किए जाने का आदेश पारित किया गया है।

जिला विद्यालय निरीक्षक ने स्पष्ट किया कि बोर्ड परीक्षा की शुचिता एवं पारदर्शिता बनाए रखने हेतु दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।

आफताब आलम अंसारी एडिटर इन चीफ न्यूज सेतु