मनरेगा,कन्या सुमंगला,लखपति दीदी,धरती आवा, वृद्धा पेंशन आदि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर डीएम ने दिया जोर
जिलाधिकारी ने की विकास योजनाओं की प्रगति समीक्षा
मनरेगा,कन्या सुमंगला, लखपति दीदी आदि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर दिया जोर
कुशीनगर।
जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभागार में जनपद में संचालित विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति एवं अनुपालन संबंधी समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मनरेगा, कन्या सुमंगला,धरती आवा, लखपति दीदी, वृद्धावस्था पेंशन समेत अन्य प्रमुख योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने मनरेगा योजना के अंतर्गत विकसित मनरेगा पार्क, मिनी स्टेडियम और खेल मैदानों की प्रगति रिपोर्ट देखी और निर्देश दिया कि प्रत्येक खेल मैदान के लिए एक नोडल अधिकारी नामित किया जाए। उन्होंने कहा कि ये अधिकारी कार्यों की गुणवत्ता, रखरखाव और नियमित उपयोग सुनिश्चित करें।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जिन ग्राम पंचायतों में अभी तक खेल के मैदान नहीं हैं, वहाँ राजस्व विभाग एवं उप जिलाधिकारीगण भूमि चिन्हांकन कर शीघ्र प्रस्ताव भेजें, ताकि हर ग्राम के बच्चों को खेल सुविधाएँ मिल सकें। डीसी मनरेगा को निर्देशित किया गया कि जिन मैदानों में बाउंड्री वॉल नहीं है, वहाँ शीघ्र इस्टीमेट तैयार कर प्रस्ताव प्रस्तुत करें।
वृद्धावस्था पेंशन योजना की समीक्षा में जिलाधिकारी ने पाया कि पोर्टल पर कोई भी आवेदन पेंडिंग नहीं दिखा रहा है। इस पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि डीआईओ, एनआईसी के साथ बैठक कर पोर्टल को अपडेट और सिंक्रोनाइज किया जाए, ताकि पात्र लाभार्थियों को समय पर लाभ मिल सके।
इसी प्रकार कन्या सुमंगला,धरती आवा एवं लखपति दीदी योजनाओं की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि लक्षित लाभार्थियों की पहचान, सत्यापन और भुगतान प्रक्रिया समयबद्ध रूप से पूरी की जाए।
जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर प्रदर्शित योजनाओं की स्थिति 31 अक्टूबर तक अनिवार्य रूप से अपडेट करें, ताकि जनपद की रैंकिंग पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी बंदिता श्रीवास्तव, जिला विकास अधिकारी अरुण कुमार पाण्डेय, डीसी मनरेगा राकेश, समाज कल्याण अधिकारी, महिला कल्याण अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
अंत में जिलाधिकारी ने कहा कि सभी योजनाओं का क्रियान्वयन गति, गुणवत्ता एवं पारदर्शिता के साथ किया जाए, ताकि जनपद कुशीनगर शासन की प्राथमिक योजनाओं में अग्रणी स्थान बनाए रख सके।
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