सांसद आरपीएन सिंह को भोजपुरी अकादमी की मांग उठाने पर धन्यवाद प्रस्ताव पारित

Dec 17, 2025 - 07:02
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सांसद आरपीएन सिंह को भोजपुरी अकादमी की मांग उठाने पर धन्यवाद प्रस्ताव पारित

राज्यसभा सांसद कुंवर आरपीएन सिंह को भोजपुरी अकादमी की मांग उठाने पर हुआ धन्यवाद प्रस्ताव पारित

विश्व भोजपुरी सम्मेलन के प्रादेशीय अधिवेशन में भोजपुरी आंदोलन पर गंभीर मंथन

न्यूज सेतु डेस्क।

विश्व भोजपुरी सम्मेलन उत्तर प्रदेश के तत्वावधान में 13 एवं 14 दिसंबर 2025 को देवरिया में आयोजित प्रादेशीय अधिवेशन संस्कृति पर्व के अंतर्गत 14 दिसंबर (रविवार) को दोपहर 2:00 बजे एक विशेष सत्र का आयोजन किया गया। इस सत्र में “भोजपुरी भाषाई आंदोलन — दशा, दिशा और भावी भविष्य की योजना” विषय पर विस्तृत परिचर्चा हुई।

परिचर्चा सत्र की अध्यक्षता जगदीश उपाध्याय, अध्यक्ष, विश्व भोजपुरी सम्मेलन अंतर्राष्ट्रीय इकाई ने की। संचालन प्रो. शैलेंद्र कुमार राव, प्रदेश महामंत्री, विश्व भोजपुरी सम्मेलन ने किया।

विशेष सत्र में अजय ओझा( राष्ट्रीय मंत्री, विश्व भोजपुरी सम्मेलन;) राजकुमार भट्ट बावरा(जिला अध्यक्ष, विश्व भोजपुरी सम्मेलन कुशीनगर) गिरिजेश मिश्र( जिला अध्यक्ष- विश्व भोजपुरी सम्मेलन देवरिया;) देवेश उपाध्याय (समाजसेवी;) अपूर्व नारायण तिवारी (वरिष्ठ पत्रकार; )डॉ. मोहन पांडेय ‘भ्रमर’( वरिष्ठ लेखक एवं कवि )तथा डॉ. देवेन्द्र नाथ तिवारी( राष्ट्रीय संगठन सचिव, विश्व भोजपुरी सम्मेलन )ने अपने-अपने विचार व्यक्त किए।

बतकही सत्र में भोजपुरी भाषा को संवैधानिक दर्जा देते हुए आठवीं अनुसूची में शामिल करने, भोजपुरी अकादमी की स्थापना, भोजपुरी के लिए पृथक सेंसर बोर्ड के गठन तथा शैक्षिक पाठ्यक्रम में भोजपुरी को पठन-पाठन का माध्यम बनाए जाने जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर गंभीर चर्चा हुई।

इस अवसर पर वर्तमान संसद सत्र में राज्यसभा सांसद कुंवर आरपीएन सिंह द्वारा भोजपुरी अकादमी की मांग राज्यसभा में उठाए जाने पर जिला अध्यक्ष विश्व भोजपुरी सम्मेलन कुशीनगर आर के भट्ट बावरा की ओर से विशेष धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया। प्रस्ताव को उपस्थित सदस्यों द्वारा सर्वसम्मति से अनुमोदित करते हुए राज्यसभा सांसद कुंवर आरपीएन सिंह के प्रति आभार व्यक्त किया गया। विश्व भोजपुरी सम्मेलन की ओर से उनके इस प्रयास की सराहना करते हुए धन्यवाद प्रस्ताव पारित किया गया।

कार्यक्रम में यह संकल्प दोहराया गया कि भोजपुरी भाषा, साहित्य और संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए संगठन निरंतर संघर्ष करता रहेगा और इसे राष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए व्यापक स्तर पर अभियान चलाया जाएगा।

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आफताब आलम अंसारी एडिटर इन चीफ न्यूज सेतु